Petrol Diesel Price Today 3 February 2026: आज के समय जब हर कोई टू व्हीलर और फोर व्हीलर चलता है तो उसमें डालने वाला पेट्रोल और डीजल एक हम हिस्सा बन जाता है और आज 3 फरवरी 2026 की सुबह देश की सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की नई कीमतें अपडेट कर दी हैं।
हर दिन सुबह छह बजे होने वाला यह अपडेट सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्च को प्रभावित करता है। आज के दामों में किसी बड़े उतार चढ़ाव की खबर नहीं है लेकिन फिर भी हर शहर के रेट जानना जरूरी हो जाता है।
तेल कंपनियां पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें तय करते समय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र तथा राज्य सरकार के टैक्स स्ट्रक्चर को ध्यान में रखती हैं। इसी वजह से अलग अलग शहरों में रेट अलग दिखाई देते हैं।
आज देश के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीज़ल के रेट क्या हैं
अगर महानगरों की बात करें तो आज पेट्रोल और डीज़ल के दाम इस प्रकार बने हुए हैं।
- दिल्ली में पेट्रोल करीब 94 रुपये 77 पैसे प्रति लीटर और डीज़ल 87 रुपये 67 पैसे के आसपास है
- मुंबई में पेट्रोल 103 रुपये से ऊपर और डीज़ल 90 रुपये के पार बना हुआ है
- कोलकाता में पेट्रोल 105 रुपये से ज्यादा और डीज़ल 92 रुपये के आसपास दर्ज किया गया है
- चेन्नई में पेट्रोल 100 रुपये के ऊपर और डीज़ल 92 रुपये से ज्यादा चल रहा है
- हैदराबाद में पेट्रोल 107 रुपये से ऊपर और डीज़ल लगभग 96 रुपये के करीब पहुंच चुका है
इन आंकड़ों से साफ है कि आज भी महानगरों में फ्यूल सस्ता नहीं कहा जा सकता हालांकि पिछले कुछ दिनों से रेट स्थिर बने हुए हैं।
पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीज़ल महंगा क्यों नहीं हो रहा
पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में अचानक उछाल नहीं देखा गया है। इसका मुख्य कारण भारत में लागू डेली डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम है जो साल 2017 से चल रहा है। इस सिस्टम के तहत तेल कंपनियां रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से दाम तय करती हैं।
फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में बहुत ज्यादा तेजी नहीं है और सरकार की टैक्स नीति भी स्थिर बनी हुई है। इसी वजह से फ्यूल के दाम लंबे समय से एक ही दायरे में घूमते नजर आ रहे हैं।
हर शहर में पेट्रोल और डीज़ल के रेट अलग क्यों होते हैं
कई लोगों के मन में सवाल होता है कि एक ही देश में फ्यूल के दाम अलग अलग क्यों हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट टैक्स है। हर राज्य का टैक्स अलग होता है और इसी कारण एक शहर में पेट्रोल सस्ता तो दूसरे में महंगा नजर आता है।
इसके अलावा डिमांड सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन लागत भी दामों को प्रभावित करती है। कुछ राज्यों में फ्यूल की खपत ज्यादा होने के कारण कीमतें थोड़ी ऊंची रहती हैं जबकि कुछ इलाकों में मामूली राहत देखने को मिलती है।
पेट्रोल और डीज़ल के दाम आम लोगों की जिंदगी पर कैसे असर डालते हैं
पेट्रोल और डीज़ल के रेट सीधे तौर पर हर परिवार के मासिक बजट को प्रभावित करते हैं। भले ही आज दाम स्थिर हों लेकिन 90 रुपये से ऊपर चल रहे रेट मध्यम वर्ग और रोज वाहन इस्तेमाल करने वालों के लिए अब भी भारी हैं।
फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है जिसका असर खाने पीने के सामान और जरूरी सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ता है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कोई बड़ा झटका नहीं दिया गया है।
आगे क्या सस्ते होंगे पेट्रोल और डीज़ल
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल सस्ते होंगे या महंगे यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा। अगर कच्चे तेल की कीमतें नीचे आती हैं और टैक्स में कोई बदलाव होता है तो आम जनता को राहत मिल सकती है।
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए यही सलाह है कि रोजाना के फ्यूल अपडेट पर नजर रखें और संभव हो तो ईंधन की बचत वाले विकल्प अपनाएं।